राजस्थान हाईकोर्ट: जेलों में सुरक्षा व्यवस्था पर सख्त सवाल, CCTV-मोबाइल घुसपैठ पर सरकार से जवाब

राजस्थान हाईकोर्ट: जेलों में सुरक्षा व्यवस्था पर सख्त सवाल, CCTV-मोबाइल घुसपैठ पर सरकार से जवाब

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Tough questions raised on prison security

Rajasthan High Court: राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश की जेलों में बंद कैदियों के कल्याण से जुड़े मामले पर कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान जगन गुर्जर हत्याकांड पर कोर्ट ने राज्य सरकार से सख्त सवाल किए.  कोर्ट ने पूछा कि हाई सिक्योरिटी जेलों में कैमरे और मोबाइल कैसे पहुंच रहे हैं, और प्रदेश की जेलों में आखिर क्या हो रहा है. कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जेल से खुद मुख्यमंत्री तक को धमकियां मिल रही हैं, फिर भी अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई? 

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने मामले में सरकार से जवाब तलब करते हुए विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं. यह आदेश स्वप्रेरित प्रसंज्ञान याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया. 

"जेल में पर्याप्त CCTV होने चाहिए"

एडवोकेट प्रतीक कासलीवाल ने बताया कि कोर्ट ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया था. इसके तहत जेलों में सुधार के लिए विभिन्न निर्देश दिए थे.  ये भी निर्देश थे की जेल में पर्याप्त सीसीटीवी होने चाहिए. अन-ऑथोराइज्ड मोबाइल भी जेल में नहीं जाने चाहिए. 

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हत्या होने की खबर के बाद कोर्ट ने इस पर विशेष टिप्पणी की है. मीडिया के माध्यम से यह पता चला कि जेल में लगे सीसीटीवी पर कुछ भी चीज रिकॉर्ड नहीं होती और ये जवाब दिया जाता है की उस पर किसी ने पेस्ट लगा दिया.  

"सरकार और जेल प्रशासन क्या कर रहा?"

कोर्ट ने इसको बहुत गंभीरता से लिया है. जेल में अगर ये व्यवस्था है, तो सरकार और जेल प्रशासन द्वारा क्या किया जा रहा है? कोर्ट ने ये भी कहा कि अखबार और अन्य मीडिया के माध्यम से हमें पता चला कि जेल से गिरोह ऑपरेट होते हैं, धमकियां दी जाती हैं, और जो ऑनरबल चीफ मिनिस्टर हैं, उन तक को धमकी दी जा रही है, तो क्या जेल प्रशासन के द्वारा इस पर कार्रवाई की गई है? इस पर एक विस्तृत जवाब सरकार से मांगा है.  

साथ ही साथ जो अधिकारी इसमें लिप्त हैं, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है या नहीं की गई. वह भी बताया जाए. 

28 जुलाई को अगली सुनवाई 

अब मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को है. जब तक सरकार को इसपर एक विस्तृत जवाब देना होगा क‍ि सरकार और जेल प्रशासन ने क्या उचित कदम उठाया है. साथ ही इस घटनाक्रम रिलेटेड जो कैमरे हैं, उनमें क्या दर्शाया गया है? और क्या कार्रवाई की गई? इसकी जानकारी भी मांगी गई है.